

दिल्ली ब्लास्ट की गुत्थी सुलझने की ओर: ‘सुसाइड बॉम्बर’ डॉ. उमर उल नबी के सबसे करीबी सहयोगी अमीर राशिद अली को NIA ने 10 दिन की रिमांड पर लिया
कार से लेकर फंडिंग और ब्लास्ट प्लान तक—अमीर था साजिश की रीढ़.
रिपोर्ट: एलिक सिंह
एडिटर – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़, सहारनपुर**
दिल्ली ब्लास्ट केस में लगातार हो रहे खुलासों ने पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया है। NIA को इस मामले में एक बड़ा हाथ लगा है, जब अदालत ने अमीर राशिद अली को 10 दिन की हिरासत में भेज दिया। यह वही शख्स है, जिसे ‘सुसाइड बॉम्बर’ डॉ. उमर उल नबी का सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी बताया जा रहा है।
NIA का दावा है कि अमीर ने ही वह कार खरीदी और उपलब्ध कराई, जिसका इस्तेमाल उमर ने ब्लास्ट को अंजाम देने में किया।
लेकिन जांच यहीं तक नहीं रुकी — एजेंसी का कहना है कि अमीर की भूमिका सिर्फ कार खरीदने और देने तक सीमित नहीं, बल्कि वह पूरे मॉड्यूल का ऑपरेशनल मैनेजर था।
🔥 NIA का बड़ा खुलासा: अमीर ने प्लानिंग से लेकर एग्जीक्यूशन तक हर कदम पर साथ दिया
जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि ब्लास्ट वाले दिन इस्तेमाल हुई कार अमीर ने अपने नाम से खरीदी और बाद में अलग-अलग लोकेशन बदलकर कार को शक से दूर रखने की कोशिश की गई।
NIA के मुताबिक:
- कार की खरीद संदिग्ध स्रोतों से फंड होकर हुई
- कार पर जिस नकली नंबर प्लेट का उपयोग हुआ, उसका आइडिया भी अमीर का
- कार को किन-किन जगहों पर पार्क किया गया, इससे जुड़े CCTV फुटेज भी सामने आए
- दोनों के बीच बातचीत में कई कोडवर्ड इस्तेमाल हुए
ये सभी बातें दर्शाती हैं कि ब्लास्ट की तैयारी में अमीर की गहरी भूमिका थी।
🧨 सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर उल नबी — और अमीर का कनेक्शन कैसे बना?
जांच में ये बात सामने आई है कि दोनों की जान-पहचान कई सालों से थी।
सूत्रों के अनुसार—
- दोनों एक खास सोशल-सर्कल से जुड़े थे
- धार्मिक और वैचारिक मेलजोल ने उन्हें और करीब ला दिया
- धीरे-धीरे उमर ने अमीर को संगठन की विचारधारा और उद्देश्य से जोड़ दिया
NIA अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इन दोनों को बाहरी आतंकी संगठनों से किसने जोड़ा और इस कड़ी में और कौन-कौन शामिल है।
🚨 NIA की कसती पकड़—अब कई और संदिग्ध रडार पर
अमीर की गिरफ्तारी के बाद मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।
NIA अब इन बिंदुओं पर फोकस कर रही है:
- इस मॉड्यूल को विदेशों से किसने फंड किया?
- क्या यह एक अकेला हमला था, या दिल्ली में कई और जगहों पर हमले की योजना थी?
- उमर और अमीर से जुड़े कौन-कौन लोग आतंकी संगठनों से संपर्क में थे?
सूत्रों का कहना है कि रिमांड के दौरान अमीर से मिलने वाली जानकारी इस पूरे मॉड्यूल की रीढ़ तोड़ सकती है।
💣 ब्लास्ट की पूरी साजिश — प्लान A से प्लान Z तक
NIA के हाथ ऐसे दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत लगे हैं, जिनसे पता चलता है कि ये कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था।
- ब्लास्ट की लोकेशन कई बार बदली गई
- हमले के टाइम स्लॉट को भी बदलते रहे
- कार को ऐसे मार्गों से ले जाया गया जहाँ निगरानी कम थी
- मौके तक पहुंचने के लिए ‘नो-सर्विलांस जोन’ चुने गए
ये सभी बातें दर्शाती हैं कि यह कोई छोटे स्तर का नहीं, बल्कि हाई-टेक, हाई-लेवल प्लान्ड ब्लास्ट था।
🟥 अब NIA के निशाने पर—असली मास्टरमाइंड कौन?
भले ही उमर उल नबी को सुसाइड बॉम्बर माना जा रहा है, लेकिन एजेंसी को पूरा संदेह है कि इसके पीछे कोई और बड़ा दिमाग है।
अमीर राशिद अली की गिरफ्तारी उसी मास्टरमाइंड तक पहुंचने का सबसे अहम दरवाज़ा मानी जा रही है।
⭐ देश की सुरक्षा एजेंसियों की निगाहें रिमांड पर
अगले 10 दिन इस केस में बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।
ये वही दिन हैं जब—
- फंडिंग चैन पूरी तरह खुलेगा
- मॉड्यूल के बाकी सदस्यों की पहचान होगी
- ब्लास्ट के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने की राह बनेगी
NIA मानकर चल रही है कि अमीर इस साजिश का सबसे भरोसेमंद लिंक है और उसी की जानकारी आगे बड़ी कार्रवाई की नींव रखेगी।





